Difference Between Blogging And Vlogging?

बहुत से लोग 2 वर्ड्स में बहुत ही कंफ्यूज हो जाते हैं जिसके कारण वह अपने करियर की एक गलत शुरुआत कर लेते हैं हम इन 2 वर्ड्स के बारे में बात करने जा रहे हैं वह blogging and vlogging
बहुत से लोग चाहते हैं कि वह अपने करियर की एक बहुत ही अच्छी शुरुआत करें इसके लिए वह अलग-अलग जगह से डाटा इंफॉर्मेशन कलेक्ट करते हैं इसमें वह सर्च करते हैं कि हम अपने करियर में क्या-क्या कर सकते हैं किस फील्ड में हमको किस तरह का काम करना होता है और वह अपने इंटरेस्ट के अकॉर्डिंग वर्क को सेलेक्ट करते हैं जिनमें से दो बहुत ही फेमस और पॉपुलर और मनी अर्निंग वर्क है blogging and vlogging कुछ लोग इसको अपना करियर बना लेते हैं तो कुछ लोग इस को टाइमपास के रूप में भी लेते हैं लेकिन दोनों मेथड में ही इनसे रनिंग होती है लेकिन है दोनों में सिर्फ भी और भी का अंतर है लेकिन वैसे देखें तो यह दोनों एक दूसरे से बिल्कुल उल्टे ही हैं तो आज किस आर्टिकल में हम इन दोनों वर्ड्स के बारे में आपको बताएंगे और यह दोनों का मतलब क्या होता है मैं भी आपको बताएंगे ताकि आप अपने कैरियर के लिए कोई गलत कदम ना उठा ले।

सबसे पहले हम बात करते हैं ब्लॉगिंग: ब्लॉगिंग का मतलब होता है गूगल पर अपनी इंफॉर्मेशन या अपने नॉलेज को टेक्स्ट फॉर्मेट में शेयर करना इसे हम वीडियो फॉर्मेट में भी शेयर कर सकते हैं लेकिन आपको इसे करना गूगल पर ही होगा तो यह कैसे पॉसिबल है कि हम गूगल पर अपनी इंफॉर्मेशन को शेयर कर सकें गूगल पर ब्लॉगिंग करने के लिए आपको एक ब्लॉक की नीड होगी ब्लॉक जिसे हम वेबसाइट भी कह सकते हैं यदि आप लॉग इन करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको एक बहू वेबसाइट की नीड होगी इस वेबसाइट पर आप आपका कंटेंट पब्लिश कर सके उस कंटेंट को जब आप पब्लिश करेंगे तो वह वेबसाइट गूगल पर उस कंटेंट को शो करेगी और यूजर्स आपके उस कंटेंट तक गूगल के थ्रू ही पहुंचेंगे तो यह प्रोसेस कुछ इस प्रकार से है सबसे पहले आपको एक डोमिन लेना होगा उस डोमेन के बाद आपको आपकी वेबसाइट के साथ उस डोमेन को कनेक्ट करना होगा जब आप उस डोमेन नेम के साथ आपकी वेबसाइट को कनेक्ट कर लेंगे तो वह वेबसाइट गूगल पर लाइव होगी उसके बाद आप आपकी इंफॉर्मेशन या आपके ब्लॉग को डायरेक्टली गूगल पर पब्लिश कर सकते हैं जब आप आपके ब्लॉग को गूगल पर पब्लिश करेंगे तो युद्ध आपके ब्लॉग पर आपकी वेबसाइट के थ्रू पहुंचेंगे और जब यूजर्स आपकी वेबसाइट पर आएंगे तो आपको क्लिक्स मिलेंगे और उनके थ्रू आप एडमिन कर सकते हैं यानी कि वह क्लिक्स कन्वर्ट हो जाएंगे डॉलर्स में जितने ज्यादा क्लिक आपको मिलेंगे उतने ही ज्यादा आप उनसे अरविंद कर सकते हैं अब यह डिपेंड करता है आप आपकी वेबसाइट में कौन सा प्लेटफार्म ऐड करते हैं इसके क्लिक की रेट अलग-अलग होती हैं तो यह था ब्लॉगिंग हमें कह सकते हैं अपनी टेक्स्ट की इंफॉर्मेशन को या अपने इंफॉर्मेशन को टेक्स्ट फॉर्मेट में गूगल क्या किसी भी सर्च इंजन मैं शेयर करना ब्लॉगिंग कहलाता है ।

जो हमारा दूसरा वर्ड है व्लॉगिंग अब हम उसके बारे में बात करते हैं

व्लॉगिंग का मतलब है अपने इंफॉर्मेशन या किसी भी अपनी नॉलेज या किसी भी पल को वीडियो में कैद करके उसको दूसरे लोगों तक पहुंचाना जोगिंग लोग अपने फैशन के लिए करते हैं लोग व्लॉगिंग को अपना पैशन मान लेते हैं।
जो लोग व्लॉगिंग करते हैं उन्हें ब्लॉगर्स कहा जाता है व्लॉगर्स मुख्य रूप से यूट्यूब पर की जाती है व्लॉगिंग करके हम किसी भी वीडियो को शेयर करते हैं तो लोग उसे देखते हैं फॉर एग्जांपल व्लॉकर्स कई टाइप के होते हैं कुछ लोग एजुकेशनल वीडियो डालते हैं कुछ लोग टेक्निकल वीडियोस डालते हैं तो कुछ लोग कोई टूर करते हैं तो उसके वीडियो कैद करके युटुब पर शेयर करते हैं कि नेट ट्रैवल ब्लॉगर्स कहां जाता है जब आप कोई भी लोकेशन कवर करते हैं तो उसके सारे पल अपने कैमरा में कैद कर लेते हैं और उसको बाद में यूट्यूब पर अपलोड या पब्लिश कर दिया जाता है वह इस सरी प्रोसेस को व्लॉगिंग कहते हैं लेकिन व्लॉगिंग ज्यादातर लोग पैसे कमाने के उद्देश्य से नहीं अपना पैशन फॉलो करने के लिए करते हैं तो जहां व्लॉगिंग में वीडियो कंटेंट को डाला जाता है तो वही vlogging में इंफॉर्मेशन या नॉलेज को टेक्स्ट फॉर्मेट में गूगल पर या अपनी वेबसाइट पर शेयर किया जाता है तो टेक्स्ट और वीडियो में जिस हिसाब से बहुत ही बड़ा अंतर होता है उसी प्रकार का अंतर ब्लॉगिंग और व्लॉगिंग में है तो हमें उम्मीद है कि आप समझ चुके होंगे कि ब्लॉगिंग या व्लॉगिंग क्या है तो लोगों में कंफ्यूजन क्या होता है वह व्लॉगिंग को ब्लॉगिंग समझ लेते हैं और ब्लॉगिंग को व्लॉगिंग और वह अपने करियर की एक गलत शुरुआत कर देते हैं क्योंकि वह जिस प्लेटफार्म से इंफॉर्मेशन कलेक्ट करते हैं कि ब्लॉगिंग में क्या होता है और ब्लॉगिंग में क्या और वह वहां से गलत इंफॉर्मेशन जानने के बाद करियर की शुरुआत कर देते हैं लेकिन जब अपने करियर में फेल होने के बाद उन्हें पता चलता है कि उन्होंने गलत फील्ड को चले किया था तब उन्हें पछतावा होता है कि काश उस समय हमें पता होता कि इन दोनों में क्या अंतर होता है तो आज हम अपनी जिंदगी में सफल होते तो दोस्तों इस से हमें यह सीख मिलती है कि हम इंफॉर्मेशन चाहे कहीं से भी ले लेकिन हमेशा सटीक और सही इंफॉर्मेशन ले और इंफॉर्मेशन को हमेशा पूरा ले क्योंकि यदि हम बीच में या थोड़ी डिटेल्स लेने के बाद इंफॉर्मेशन छोड़ देते हैं तो हमको पूरी नॉलेज नहीं मिल पाती और हम अपने करियर को एक गलती की वजह से बर्बाद कर लेते हैं।

तो दोस्तों मेन है कि आज के इस आर्टिकल में हमने जिस टॉपिक को कवर करना चाहा वह आप समझ चुके होंगे यदि आपको इस टॉपिक से रिलेटेड कोई भी क्वेश्चन है तो आप नीचे कमेंट करके हमको पूछ सकते हैं हम जल्द से जल्द आपके कमेंट का रिप्लाई देने का कोशिश करेंगे| धन्यवाद

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